Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana (PM Vishwakarma Scheme) भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) द्वारा संचालित एक केंद्रीय क्षेत्र की प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों (Artisans) और शिल्पकारों (Craftspeople) को आर्थिक सहायता, आधुनिक उपकरण, कौशल उन्नयन और बाजार पहुंच प्रदान करना है।
योजना के तहत 18 पारंपरिक ट्रेडों में कार्यरत लाभार्थियों को ₹3 लाख तक का कोलैटरल-फ्री (बिना गारंटी) ऋण मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही, आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का निःशुल्क टूलकिट ई-वाउचर और प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
PM Vishwakarma Yojana 2026: Key Scheme Highlights
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| योजना का नाम | Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana |
| नोडल मंत्रालय | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) |
| सहायक मंत्रालय | कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) एवं वित्तीय सेवा विभाग (DFS) |
| ऋण सहायता (Collateral-Free Loan) | ₹3,00,000 तक (₹1 लाख + ₹2 लाख की दो किस्तों में) |
| ब्याज दर (Effective Interest Rate) | मात्र 5% प्रति वर्ष (8% सबवेंशन सरकार द्वारा देय) |
| टूलकिट वित्तीय सहायता (Grant) | ₹15,000 (e-RUPI डिजिटल वाउचर) |
| कौशल प्रशिक्षण भत्ता (Stipend) | ₹500 प्रति दिन (प्रशिक्षण अवधि के दौरान) |
| कवर किए गए व्यवसाय | 18 पारंपरिक ट्रेड |
| पंजीकरण का माध्यम | बायोमेट्रिक e-KYC (Common Service Centers – CSC) |
| आधिकारिक वेब पोर्टल | pmvishwakarma.gov.in |
PM Vishwakarma Yojana के प्रमुख लाभ एवं वित्तीय सहायता संरचना
- आधिकारिक पहचान एवं प्रमाणन (Recognition):
- सफल पंजीकरण और सत्यापन के बाद लाभार्थी को PM Vishwakarma Certificate और PM Vishwakarma ID Card जारी किया जाता है।
- कौशल विकास प्रशिक्षण (Skill Upgradation):
- बेसिक स्किलिंग: 5 से 7 दिन (40 घंटे) का बुनियादी प्रशिक्षण।
- एडवांस्ड स्किलिंग: 15 दिन या अधिक का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण (इच्छुक कारीगरों हेतु)।
- दैनिक भत्ता: ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रति दिन की दर से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे बैंक खाते में भुगतान।
- ₹15,000 टूलकिट अनुदान (Toolkit Incentive):
- बेसिक ट्रेनिंग पूरी होने और कौशल मूल्यांकन के बाद ₹15,000 का डिजिटल ई-वाउचर (e-RUPI) प्रदान किया जाता है।
- यह राशि गैर-वापसी योग्य अनुदान (Grant) है, जिसे बैंक को वापस नहीं चुकाना होता।
- ₹3 लाख तक का रियायती ऋण (Low-Interest Loan Support):
- पहली किस्त (Tranche 1): ₹1,00,000 तक (18 महीने की चुकौती अवधि, 5% ब्याज दर)।
- दूसरी किस्त (Tranche 2): पहली किस्त के नियमित भुगतान और डिजिटल लेनदेन अपनाने पर ₹2,00,000 तक (30 महीने की चुकौती अवधि, 5% ब्याज दर)।
- कोलैटरल फ्री: इस लोन के लिए किसी जमीन, संपत्ति या गारंटर को गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है; क्रेडिट गारंटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है।
- डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन (Digital Incentive):
- प्रति डिजिटल बिक्री/लेनदेन ₹1 का नकद प्रोत्साहन (प्रति माह अधिकतम 100 लेनदेन तक)।
- मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग सहायता:
- कारीगरों के उत्पादों को GeM (Government e-Marketplace), खादी इंडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने में तकनीकी सहायता।
18 पारंपरिक व्यवसायों (Eligible Trades) की सूची
योजना के तहत निम्नलिखित 18 पारंपरिक क्षेत्रों में स्वरोजगार करने वाले कारीगर पात्र हैं:
- काष्ठ आधारित: बढ़ई (Suthar / Carpenter), नाव निर्माता (Boat Maker)
- लौह/धातु आधारित: लोहार (Blacksmith), हथौड़ा व टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले (Locksmith), अस्त्र निर्माता (Armourer)
- स्वर्ण व मिट्टी आधारित: सुनार (Goldsmith), कुम्हार (Potter)
- पत्थर व मूर्तिकला: मूर्तिकार / पत्थर तराशने वाले, पत्थर तोड़ने वाले (Stone Breakers)
- चर्म व जूता निर्माण: मोची / जूता कारीगर (Cobbler / Footwear Artisan)
- भवन निर्माण: राजमिस्त्री (Mason / Mistry)
- हस्तशिल्प व बुनाई: टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता, कॉयर बुनकर, पारंपरिक गुड़िया एवं खिलौना निर्माता
- व्यक्तिगत सेवाएं: नाई (Barber / Hairdresser), धोबी (Washerman), दर्जी (Tailor / Darzi), मालाकार (Garland Maker), मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले (Fishing Net Maker)
Eligibility Criteria: पात्रता एवं नियम
- आयु सीमा: आवेदन के समय आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- सक्रिय कारीगर: आवेदक ऊपर सूचीबद्ध 18 पारंपरिक ट्रेडों में से किसी एक में हाथों और औजारों से कार्य करने वाला सक्रिय स्वरोजगारी होना चाहिए।
- पारिवारिक सीमा: परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) में केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ लेने का पात्र होगा।
- सरकारी सेवा प्रतिबंध: आवेदक अथवा उसके परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के नियमित सेवा/नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- पूर्व क्रेडिट योजनाएं: आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra योजना के अंतर्गत समान व्यवसाय हेतु बकाया लोन न लिया हो (योजनाओं का पुराना लोन पूर्ण रूप से चुकता होने पर पात्रता मान्य होगी)।
Required Documents: जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक)
- बैंक खाता पासबुक (Aadhaar Seeded एवं DBT Active बैंक अकाउंट)
- राशन कार्ड अथवा परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर
- जाति/श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- व्यवसाय से संबंधित सामान्य जानकारी
Step-by-Step Guide: PM Vishwakarma Yojana में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Aadhaar Biometric e-KYC) अनिवार्य होने के कारण पंजीकरण अधिकृत CSC केंद्रों के माध्यम से किया जाता है:
- CSC केंद्र पर जाएं: अपने आधार कार्ड और लिंक्ड मोबाइल के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
- बायोमेट्रिक ई-केवाईसी: सीएससी वीएलई (VLE) द्वारा pmvishwakarma.gov.in पर आधार ओटीपी एवं बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन किया जाएगा।
- कारीगर विवरण भरें: अपनी विशिष्ट ट्रेड (व्यवसाय), पारिवारिक विवरण, बैंक खाता नंबर और वर्तमान कार्यक्षेत्र की जानकारी दर्ज कराएं।
- सत्यापन प्रक्रिया (3-Tier Verification):
- स्तर 1: ग्राम पंचायत (ग्रामीण) अथवा शहरी स्थानीय निकाय/ULB (शहरी) द्वारा सत्यापन।
- स्तर 2: जिला कार्यान्वयन समिति (District Committee) द्वारा जांच।
- स्तर 3: राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अंतिम अनुमोदन।
- सर्टिफिकेट व आईडी कार्ड डाउनलोड: सत्यापन पूर्ण होने पर पोर्टल से अपना डिजिटल PM Vishwakarma Certificate & ID डाउनलोड करें।
- ट्रेनिंग एवं लाभ प्राप्त करें: बेसिक प्रशिक्षण सत्र पूरा करने के बाद पोर्टल पर ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर जनरेट होगा और प्रथम चरण के ₹1 लाख ऋण का आवेदन बैंक को अग्रेषित किया जा सकेगा।
Important Links
| महत्वपूर्ण लिंक | आधिकारिक यूआरएल |
| PM Vishwakarma Official Portal | pmvishwakarma.gov.in |
| CSC Locator (Find Center) | findmycsc.nic.in |
| Application Login & Status | Direct Login Portal |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. PM Vishwakarma योजना के तहत लोन पर कितना ब्याज देना होता है?
लाभार्थी को मात्र 5% प्रति वर्ष की रियायती दर पर ब्याज देना होता है। 8% तक के ब्याज का अंतर केंद्र सरकार द्वारा सबवेंशन के रूप में वहन किया जाता है।
Q2. क्या ₹15,000 टूलकिट राशि लोन के साथ वापस करनी होती है?
नहीं, ₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन सरकार द्वारा दिया जाने वाला एकमुश्त गैर-वापसी योग्य अनुदान (Grant) है, जो ई-वाउचर रूप में मिलता है।
Q3. आवेदन के कितने दिनों बाद लोन स्वीकृत होता है?
त्रि-स्तरीय सत्यापन और 5-7 दिनों की बेसिक स्किल ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद संबंधित बैंक द्वारा लोन आवेदन का मूल्यांकन कर ऋण राशि जारी की जाती है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
Disclaimer: desk4info.com पर प्रकाशित यह लेख केवल सामान्य सूचना, शैक्षणिक जागरूकता और सार्वजनिक मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार किया गया है। desk4info.com किसी भी सरकारी मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME), या किसी वित्तीय संस्थान से आधिकारिक रूप से संबद्ध नहीं है। योजना की पात्रता, ब्याज दरों, टूलकिट नियमों और ऋण स्वीकृति संबंधी अंतिम एवं आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल (pmvishwakarma.gov.in) पर जारी नवीनतम दिशानिर्देशों का ही संदर्भ लें।

